जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजों से परेशान हैं सभी सुरक्षा एजेंसियां, अब फेंक रहे ग्रेनेड

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कश्मीर घाटी में तैनात सुरक्षाबलों के लिए पत्थरबाज़ी की घटनाएं अब नई परेशानी का सबब बनती दिख रही हैं. पत्थरबाजों से निपटने के लिए आए दिन सुरक्षा एजेंसियां नई-नई रणनीतियां अपनाती है, लेकिन हर बार पत्थरबाज़ इसका तोड़ निकाल लेते हैं. अब आतंक फैलाने के लिए पत्थरबाजों ने पत्थर की आड़ में सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड फेंकना शुरू कर दिया है.

पत्थरबाज़ी की आड़ में ग्रेनेड हमला बेहद खतरनाक तरीका है, जो काफी समय बाद कश्मीर में सामने आया है. जम्मू कश्मीर के त्राल में शुक्रवार को आतंकियों ने पहली बार इसी रणनीति के तहत सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड हमला किया. इस हमले में 10 सीआरपीएफ जवान घायल हो गए.

हुआ ये कि शाम करीब चार बजे सीआरपीएफ जवान जब लॉ एंड आर्डर ड्यूटी पर त्राल के इलाके में थे… अचानक वहां पत्थरबाजी शुरू हो गई. भीड़ ने पत्थर मारना शुरू कर दिया, सुरक्षा बल भी नियमित तौर से तय नियमों के मुताबिक पत्थरबाजी का मुकाबला करने लगे. एकाएक पत्थरबाजी के दौरान सुरक्षाबलों के पास एक पत्थर की तरह कोई चीज गिरी और इसमें जोरदार धमाका हुआ. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता 10 सीआरपीएफ के जवान घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया. इस घटना में 2 जवान को गंभीर चोटें भी आई थी.

जांच शुरू हुई तो पता चला की पत्थर की तरह ये चीज एक ग्रेनेड थी, जिसे भीड़ में से ही किसी ने फेंका था. जांच में आगे पता चला कि ये ग्रेनेड बेहद हाई इंटेंसिटी का था. यानी बेहद खतरनाक और बहुत ज्यादा नुकसान करने वाला. और हुआ भी यही….ग्रेनेड के फटते ही कई जवान घायल हो गए.. भीड़ में ग्रेनेड पत्थरों की आड़ में किसने फेंका इसका अब तक किसी कोई पता नहीं चल पाया है.ये अपनी तरह का हाल ही के दिनों में पहला मामला है. आशंका इस बात की जताई जा रही है कि आतंकवादी भीड़ में ही छुपे थे और मौका देखते ही उन्होंने CRPF को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की नियत से ग्रेनेड हमला किया.

सूत्रों के मुताबिक इस इलाके में 2 दिन पहले सुरक्षाबलों ने जैश के तीन आतंकवादियों को ढेर किया था, लिहाजा ये माना जा रहा है की बदला लेने की नियत से भीड़ में छुपे हुए आतंकवादियों ने इस हमले को अंजाम दिया. आतंक के इस नए पैतरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई है. आने वाले दिनों में भीड़ जो पत्थर बरसा रही है उससे कैसे और ज्यादा सावधान रहा जाए इस पर घटना के बाद जरूर विचार किया जाएगा… और नए सिरे से रणनीति बनाई जाएगी.

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