इस शख्‍स की वजह से ही मुमकिन हो पाई ट्रंप और किम की ऐतिहासिक मुलाकात

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सिंगापुर में उत्‍तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन और अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के बीच आखिरकार कई महीनों की तनातनी के बाद मंगलवार को ऐतिहासिक मुलाकातहो ही गई. उत्‍तर कोरिया इस दौरान अपने उन परमाणु हथियारों के जखीरों को नष्‍ट करने के लिए तैयार हो गया है, जिनसे वह अमेरिका, दक्षिण कोरिया समेत आधी दुनिया पर हमले की धमकी देता था. लेकिन हर एक बड़ी सुखद घटना के पीछे किसी की कोशिशें होती हैं. किम और ट्रंप के बीच हुई मुलाकात के पीछे भी एक शख्‍स की ही कोशिशें रंग लाईं. इस शख्‍स ने उत्‍तर कोरिया से अपनी दशकों पुरानी रंजिश भुलाकर उसे इस लायक बनाया कि किम ट्रंप के सामने जा बैठे और बेहद दोस्‍ताना माहौल में उनसे मुलाकात की. यह शख्‍स है दक्षिण कोरिया का राष्‍ट्रपति मून जे-इन. पिछले साल सत्‍ता संभालने के बाद मून जे-इन ने उत्‍तर कोरिया से बेहतर रिश्‍ते स्‍थापित करने की इच्‍छा जताई थी. इसके बाद उन्‍होंने कई बार उत्‍तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन से मुलाकात भी की. इसी दौरान उन्‍होंने किम को डोनाल्‍ड ट्रंप से मुलाकात के लिए राजी किया.

राष्‍ट्रपति बनते ही मून ने जताई दोस्‍ती की इच्‍छा
मून जे-इन का जन्‍म 24 जनवरी, 1953 को दक्षिण कोरिया में हुआ था. वह डेमोक्रेटिक पार्टी के हैं. उन्‍होंने मई 2017 में पार्क गुयेन ह्ये के स्‍थान पर राष्‍ट्रपति पद की शपथ ली. पार्क को भ्रष्‍टाचार के आरोप में पद से हटा दिया गया था. इससे पहले मून जे-इन कई प्रमुख पदों पर रहे हैं. राष्‍ट्रपति बनने के बाद मून जे इन ने उत्‍तर कोरिया के साथ रिश्‍ते सुधारने के लिए प्रयास करने की इच्‍छा जाहिर की थी. इसके लिए प्रयास भी किए.

मून ने बढ़ाया बातचीत का हाथ
मून जे-इन की कोशिशों के बाद उत्‍तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने नौ जनवरी, 2018 को सीमावर्ती गांव में मुलाकात की. इस दौरान दक्षिण कोरिया में होने वाले विंटर ओलंपिक्‍स में उत्‍तर कोरियाई एथलीटों और प्रतिनिधिमंडल के भी हिस्‍सा लेने पर सहमति बनी. इसके बाद फरवरी में प्‍योंगचांग में आयोजित ओलंपिक्‍स में बड़ी संख्‍या में उत्‍तर कोरियाई एथलीट गए. प्रतिनिधिमंडल में किम जोंग उन की बहन भी शामिल थी. उन्‍होंने किम जोंग उन की ओर से दक्षिण कोरियाई राष्‍ट्रपति मून जे-इन से भी मुलाकात की थी. इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच मैत्री संबंध स्‍थापित करने को लेकर बातचीत हुई.

मून ने किम के लिए अमेरिका भेजा अपना प्रतिनिधिमंडल
दक्षिण कोरियाई राष्‍ट्रपति मून जे इन ने किम जोंग उन से मुलाकात के लिए 5 मार्च को अपने नेशनल सिक्‍योरिटी डायरेक्‍टर चुंग ईयूई योंग को प्‍योंगयांग भेजा. मुलाकात के बाद चुंग ने जानकारी दी कि किम जोंग उन अमेरिका के साथ अपने परमाणु हथियारों को लेकर बातचीत करना चाहता है. इसके तुरंत बाद मून ने एक प्रतिनिधिमंडल को वाशिंगटन में अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से मिलने भेजा. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ट्रंप को बताया कि किम उनसे मुलाकात करना चाहता है.

दोबारा मिले मून और किम
अप्रैल में उत्‍तर कोरिया ने अपने परमाणु हथियार और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल नष्‍ट करने की घोषणा की. इसके तुरंत बाद मून जे-इन और किम जोंग उन ने दोबारा मुलाकात की. इसके बाद दोनों ने न्‍यूक्लियर फ्री कोरियाई प्रायद्वीप और स्‍थाई शांति की घोषणा की. आखिरकार 10 मई को ट्रंप ने किम से मुलाकात की घोषणा की.

किम के लिए ट्रंप से मिले मून
उत्‍तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन और अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के बीच मुलाकात को लेकर दक्षिण कोरियाई राष्‍ट्रपति मून जे-इन ने ट्रंप से 22 मई को वाशिंगटन में मुलाकात की. इस पर किम से ट्रंप की होने वाली बातचीत के मुद्दों पर अहम चर्चा हुई. इसके बाद मई में ही एक समय ऐसा आया जब किम ने मुलाकात रद्द करने की कोशिश की. लेकिन मून ने इस बार भी दोनों की मुलाकात की वकालत की.

किम ने मून से कहा कि वह नष्‍ट कर देगा परमाणु हथियार
हल्‍की तनातनी के बाद 26 मई को फिर किम जोंग उन और मून जे-इन सीमावर्ती गांव में मिले. किम ने ट्रंप से होने वाली उसकी मुलाकात को लेकर मून से बातचीत की. इस दौरान किम परमाणु हथियार तो नष्‍ट करने के लिए राजी हो गया लेकिन उसे यह चिंता सता रही थी कि इसके बदले क्‍या अमेरिका उसे भविष्‍य में सुरक्षा और लाभ की गारंटी देगा. इस पर मून ने उसे समझाया. मून के समझाने के बाद किम ने कुछ दिन बाद मई में ही अपने वरिष्‍ठतम अधिकारी किम योंग चोल को अमेरिका भेजा. उन्‍होंने किम और ट्रंप की मुलाकात की तैयारियों को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो से बातचीत की. इसके बाद ट्रंप ने 12 जून की मुलाकात पर हामी भर दी.

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