अगर आप प्रेग्नेंट है तो रखे इन खास बातो का ख्याल…

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गर्मी से बेहाल होने के बाद बारिश की बूंदे राहत की फुहार सी लगती हैं लेकिन अगर इसमें सावधानी न बरती जाए तो तबियत खराब होने में वक्त नहीं लगता है. इस मौसम में उन महिलाओं को खास ध्यान देने की जरूरत होती है जो गर्भवती हैं. यह मौसम मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए प्रतिकूल है. नर्चर आईवीएफ सेंटर में महिला रोग एवं इनफर्टिलिटी उपचार विशेषज्ञ डॉ. अर्चना धवन बजाज का कहना है कि इस मौसम में वातावरण में नमी की वजह से कीटाणु गतिशील हो जाते हैं. जिसकी वजह से डेंगू, मलेरिया, जुकाम, फ्लू, बुखार, त्वचा संक्रमण, फंगस संक्रमण, खाद्य संक्रमण और पानी से होने वाले संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. 

इस मौसम में हैजा और लेप्टोसिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियां होने की आशंका भी बढ़ जाती है. डॉ. अर्चना के मुताबिक, लेप्टोसिरोसिस, एक जीवाणु के द्वारा पनपता है जो इंसान या जानवर किसी के भी द्वारा गर्भवती महिला के गर्भ तक पहुंच सकता है. लेप्टोसिरोसिस संक्रमण गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए जानलेवा भी हो सकता है. इसके अतिरिक्त पेट संक्रमण, डिहाइड्रेशन आदि भी जल जनित रोग हैं. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को इस मौसम में विशेष ध्यान रखने की जरूरत है:

-साफ व कीटाणु मुक्त पानी पीएं और स्वच्छ भोजन खाएं.

-गर्भधारण के बाद हानिकारक जंक फूड और पैकेजिंग वाले खाने से दूर रहना चाहिए.

-तरल पदार्थों के साथ-साथ आवश्यक सप्लीमेंट भी लेते रहना चाहिए.

-गर्भवती महिलाओं को उबला हुआ या फिल्टर पानी ही पीना चाहिए.

-खाना बनाने से पहले सब्जियों को साफ पानी से धो लेना चाहिए.

-गर्भावस्था में विटामिन-सी का सेवन अधिक करना चाहिए.

-गर्मियों में गर्भवती महिलाओं को सिंथेटिक कपड़े नहीं पहनने चाहिए, क्योंकि सिथेंटिक से बहुत पसीना आता है और गर्मी भी लगती है.

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